Skip to main content

HAPPY NEW YEAR 2021

HAPPY NEW YEAR 2021
 
कुछ मिल गए ,कुछ बिगड़ गए।
जो साथ थे वो कहीं खो गए ।।
सपने कई अधूरे से हो गए।
अपने कई पराए से हो गए।।

जो बीत गया उसे भूलना हैं,
जो आ रहा उसे अपनाना हैं।
साथ जिनका रह गया है ,
उसका साथ हमेशा निभाना है।।

भूल से भी कुछ बुरा किया हो ,
क्षमा कर सब भूल जाना आप ।
खुशियों संग शुरुआत हो
सभी गमों को भूल जाना आप ।।

गुरूओ का आशीर्वाद लिए,
नये वर्ष की शुरुआत हो ।
आप सभी साथियों को 
नया साल मुबारक हो ।।
HAPPY NEW YEAR 2021

इस रिश्ते को यूँ ही बनाये रखना
दिल में यादों में चिराग जलाये रखना
बहुत प्यारा रहा 2020 का सफर
2021 में भी ऐसा ही साथ बनाये रखना..

फूल खिलेंगे गुलशन में खूबसूरती नज़र आएगी,

बीते साल की खट्टी मीठी यादें संग रह जाएगी,

आओ मिलकर जशन मनाएं नए साल का हँसी ख़ुशी से,

नए साल की पहली सुबह ख़ुशियाँ अनगिनत लाएगी।।


चारो तरफ हो खुशियाँ ही खुशियाँ,
मीठी पूरनपोली और गुजियां ही गुजियां
द्वारे सजती सुंदर रंगोली की सौगात।
आसमान में हर तरफ पतंगों की बरात
सभी का शुभ हो नव वर्ष हर बार..


बीते साल को विदा कुछ इस कदर करते हैं,
जो नहीं किया अब तक वो भी कर गुज़रते हैं,
नया साल आने की खुशियां तो सब मनाते हैं
चलो हम इस बार बीते साल की यादो का जश्न मनाते हैं.।

एक खूबसूरती, एक ताज़गी,
एक सपना, एक सच्चाई
एक कल्पना, एक एहसास।
एक आस्था, एक विश्वास
यही हैं एक अच्छे साल की शुरुआत..।

ये फूल ये खुशबू ये बहार !

तुमको मिले ये सब उपहार !!

आसमा के चाँद और सितारे !

इन सब से तुम करो सृंगार !!

तुम खुश रहों आवाद रहों……

खुशियों का हो ऐसी फुहार !

हमारी ऐसी दुआ हैं हजार !!

दामन तुम्हारा छोटा पर जाए !

जीवन में मिले तुम्हे इतना प्यार 


फूल खिलेंगे गुलशन में खूबसूरती नज़र आएगी,
बीते साल की खट्टी मीठी यादें संग रह जाएगी,
आओ मिलकर जशन मनाएं नए साल का हँसी ख़ुशी से,
नए साल की पहली सुबह ख़ुशियाँ अनगिनत लाएगी।


भूल जाओ बीते हुए कल को
दिल में बसलो आने वाले कल को
मुस्कुराओ चाहे जो भी हो पल
खुशिया लेकर आयेगा आने वाला कल
हैप्पी न्यू इयर..।

कभी हसती है तो कभी रूलाती है
ये जिंन्दगी भी न जाने कितने रंग दिखाती है।
हसते हैं तो भी आंखों में नमी आ जाती है
ना जाने ये कैसी यादें है जो दिल में बस जाती है.

Comments

Popular posts from this blog

वर्तमान को कैसे जिये...jyo30

वर्तमान में जीना यानि साक्षी भाव में रहना।आप जो भी कर रहे हो,जैसे भी कर रहे हो,आप पूर्णतया उसके प्रति जागरूक हो। आप स्वयं को ऐसे देख रहे हो जैसे हम आईने में खुद को देखते हैं।हमारा हर अच्छा बुरा कर्म हमारी नजर में होता है। ऐसा करते करते हम समय की छननी का प्रयोग करके व्यर्थ को छाँटकर निकाल देते हैं और सार्थक को अपने पास रख लेते हैं।यह स्वयमेव ही सिद्ध होता जाता है। विवेक का प्रयोग हर पल को खुलकर जीना और नकारात्मकता से दूर रहना सिखाता है।अनावश्यक झगड़ों और बहस से बचाता है।जीवन के प्रति स्वस्थ दृष्टिकोण हो तभी वर्तमान में जिया जा सकता है,अन्यथा भूत और भविष्य की चिन्ताएं वर्तमान में रहने ही नहीं देतीं। साक्षीभाव के दैनिक अभ्यास से वर्तमान पल में रहना सीखा जा सकता है।ईश्वर प्रेम,विवेक और सकारात्मकता का साथ हो तो सोने पर सुहागा हो सकता है।

Makar Sankranti 2021: मकर संक्रांति क्यों मनाते हैं, जानें धार्मिक और वैज्ञानिक कारण

  सूर्य जब एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करते हैं तो ज्‍योतिष में इस घटना को संक्रांति कहते हैं। मकर संक्रांति (Makar Sankranti) के अवसर पर सूर्य का मकर राशि में प्रवेश होता है। एक संक्रांति से दूसरी संक्रांति के बीच का समय ही सौर मास कहलाता है। पौष मास में सूर्य उत्तरायण होकर मकर राशि में प्रवेश करते हैं तो इस अवसर को देश के अलग-अलग प्रांतों में अलग-अलग त्‍योहार के रूप में मनाते हैं। मकर संक्रांति का त्‍योहार उत्तर भारत में हर साल 14 जनवरी को मनाया जाता है। मकर संक्रांति को खुलता है स्वर्ग का द्वार इस दिन से धरती पर अच्‍छे दिनों की शुरुआत मानी जाती है इसकी वजह यह है कि सूर्य इस दिन से दक्षिण से उत्तरी गोलार्ध में गमन करने लगते हैं। इससे देवताओं के दिन का आरंभ होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मकर संक्रांति के दिन स्वर्ग का दरवाजा खुल जाता है। इसलिए इस दिन किया गया दान पुण्य अन्य दिनों में किए गए दान पुण्य से अधिक फलदायी होता है। भीष्म पितामाह ने चुना था आज का दिन मकर संक्रांति के दिन शुद्ध घी एवं कंबल का दान मोक्ष की प्राप्ति करवाता है। महाभारत काल में भीष्म पितामह ने अपनी द...

💐💐💐💐....सुविचार....💐💐💐💐

हर दिन अच्छा हो ये जरुरी नही होता, पर हर दिन कुछ ना कुछ अच्छा जरुर होता है। अपनी लाइफ में हमेशा दूसरों को, समझने की कोशिश कीजिए, परखने की नही। प्रत्येक असफलता के पीछे, सफलता आपकी राह देख रही है। मै सबसे ज्यादा होशियार हूँ, यही सोच हमें जिदगी में आगे नही बढ़ने देती है। जो व्यक्ति समझदार होता है वो खुद गलतियां नही करता है, बल्कि दुसरो की गलतियों से ही सब कुछ सिख लिया करता है।